50 लाख रुपया सालाना टर्नओवर वाली कारोबारी फर्मो को अब ई-संचरण अनिवार्य

कानपुर: ई-संचरण के जरिए करापवंचना रोकने व पारदर्शिता लाने की कवायद में जुटा वाणिज्यकर एक जून से फरमान पर सख्त रुख अपनाने जा रहा है। नई नियमावली के तहत 50 लाख रुपया सालाना टर्नओवर वाली कारोबारी फर्मो को अब ई-संचरण का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करना पड़ेगा। इससे कारोबारियों में छटपटाहट है तो अधिकारी व कर्मचारी भी सांसत में हैं। 1वाणिज्यकर कमिश्नर मृत्युंजय कुमार ने 15 मई को ही जोनल दफ्तरों को एक जून से 50 लाख सालाना टर्नओवर वालों के लिए ई-संचरण की अनिवार्यता के निर्देश भेज दिए थे।

 

इसको लेकर वाणिज्य बंधु बैठकों, शिविरों में कारोबारियों व अफसरों में मंथन भी चल रहा था। तमाम व्यापारिक संगठनों ने वाणिज्यकर कमिश्नर को पत्र भेज व्यवस्था शुरू करने से पहले पुनर्विचार की भी अपील की पर कोई राहत नहीं मिली। अब एक जून से इस पर काम शुरू होना ही है। 1शहर में 50 हजार पंजीकृत फर्मे : शहर स्थित जोनल दफ्तर में करीब 50 हजार फर्मे पंजीकृत हैं। अनुमानित आंकड़ों में 20 से 25 हजार के बीच ऐसी फर्मे हैं, जिनका सालाना कारोबार 50 लाख या इससे ज्यादा है। करीब आधी फर्मो को ई-संचरण अपनाना होगा।

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गाड़ी नंबर बड़ी दिक्कत : ई-संचरण में माल लाने या ले जाने के लिए गाड़ी नंबर बड़ी दिक्कत के तौर पर सामने आया है। ट्रक का माल एक शहर से दूसरे में पलटी के बाद गंतव्य तक पहुंचाने में नंबर बदलने की संभावनाओं से मुश्किलें ज्यादा होंगी।

  • यहां भी फंसेंगे पेंच
  • कई शहरों में माल की पलटी होने पर
  • ऑनलाइन व्यवस्था के गड़बड़ाने पर
  • कर्मचारियों की कमी से भी समस्याएं
  • सर्वर खराब होने, पासवर्ड में खामी पर बदल सकता फरमान: सूबे के व्यापारिक संगठनों की मांग पर वाणिज्यकर कमिश्नर ने सकारात्मक रुख दिखाया तो इसे कुछ दिनों के लिए आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
  • ई-संचरण बेहतर व्यवस्था है। पारदर्शिता बढ़ेगी लेकिन विभाग पहले इंतजाम दुरुस्त करे फिर अनिवार्यता लागू हो।-रोहित अवस्थी, अधिवक्ता, वाणिज्यकर ।
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