वित्‍त मंत्री जेटली ने दिया भरोसा- नहीं बढ़ेगी महंगाई

नई दिल्‍ली। कमजोर मानसून के चलते देश के कई राज्‍यों में सूखा पड़ने और महंगाई बढ़ने की आशंकाओं को दूर करने के लिए मोदी सरकार के ‘संकटमोचक’ वित्‍त मंत्री अरुण जेटली को खुद मैदान में उतरना पड़ा है।
जेटली ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर यह साफ किया कि मानसून का अनुमान सही होने पर भी डरने की कोई चिंता नहीं है। केंद्रीय पूल में खाद्यान्‍न के पर्याप्‍त भंडार मौजूद हैं। खाद्य विभाग जरूरत के मुताबिक फूड सप्‍लाई कर रहा है। जेटली ने कहा कि पिछले साल भी मानसून सामान्‍य से कम रहा था और सरकार फूड मैनेजमेंट के चलते महंगाई पर अंकुश लगाने में कामयाब रही थी। सरकार इस साल भी कम बारिश होने की स्थिति में हालात को काबू करने में सक्षम है। कमजोर मानसून के बावजूद सरकार महंगाई नहीं बढ़ने देगी।

arun-jaitely_1433483सिंचाई के पर्याप्‍त इंतजाम
वित्‍त मंत्री जेटली ने कहा कि जिन इलाकों में बारिश कम होने का अंदेशा है, वहां सिंचाई के पक्‍के प्रबंध हैं। इस साल उत्तर-पश्चिम भारत में सबसे कम बारिश की आशंका है। वित्त मंत्री ने कहा कि अगर मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही भी होता तो उससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। कमजोर मानसून का खाद्य उत्पादन पर कोई असर नहीं होगा। सरकार मानसून की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्‍होंने कहा कि खरीफ फसल की एमएसपी पर सरकार परामर्श कर रही है।
सरकार ने मनरेगा के लिए अतिरिक्‍त 50 अरब रुपए उपलब्‍ध कराने का प्रावधान कर रखा है। हालांकि जेटली ने कहा कि कम बारिश का असर दालों की कीमतों पर पड़ सकता है। अभी दालों में सप्‍लाई अच्‍छी जा रही है। खाद्य मंत्रालय मूल्‍यवृद्धि रोकने के लिए दालों की आपूर्ति बढ़ाने की योजना पर काम रहा है।

अटके प्रोजेक्‍ट का काम शुरू, अर्थव्‍यवस्‍था में रिकवरी
वित्‍त मंत्री जेटली ने कहा कि अर्थव्‍यवस्‍था में लगातार रिकवरी देखने को मिल रही है। पिछले कुछ महीनों में कई ठप पड़े प्रोजेक्‍ट का काम शुरू हो गया है। सरकार के रेवेन्‍यू में अच्‍छी-खासी बढ़ोत्‍तरी हुई है। खासकर अप्रत्‍यक्ष कर संग्रह में अच्‍छा इजाफा हुआ है। जेटली ने कहा कि विनिवेश की प्रक्रिया जारी रहेगी। वित्‍त मंत्री ने बैंकों के एनपीए के मसले पर कहा कि इसमें गिरावट का रुख दिखाई दे रहा है।

स्टॉक मार्केट में मंदी का रुझान नहीं
सूखे की आशंका से बाजार में कुछ दिनों से जारी गिरावट पर जेटली ने कहा कि यह गिराटव रुझान की तरफ इशारा नहीं करती है, क्योंकि अर्थव्यवस्था सुधार की राह पर है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के विदेशी निवेशकों की ‘पसंद’ नहीं रहने की बात का कोई आधार नहीं है। बीएसई 30 सूचकांक बीते तीन दिनों में 1,000 से ज्यादा अंक गिर चुका है।

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