करेक्टिव एक्शन प्लान कमेटी:बीमार इकाइयों के लिए

06_06_2015-6lal-5-c-2बीमार इकाइयों के पुनरुद्धार एवं पुनस्र्थापन पर विचार करने के लिए ‘करेक्टिव एक्शन प्लान कमेटी’ बनाई जाएगी। इसमें केंद्र और प्रदेश के उद्योग विभाग के अलावा बैंक और उद्योग के प्रतिनिधि होंगे। यह बात सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने मर्चेट्स चेंबर आफ उत्तर प्रदेश के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में कही।

उन्होंने बताया कि इसके लिए एमएसएमई एक्ट की धारा 9 के प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने बीते सप्ताह एक नोटिफिकेशन जारी किया है। उनके मुताबिक उद्योग चलाने में असमर्थता बताने और उद्योग चलने में मुश्किल संबंधी बैंक की रिपोर्ट आने पर इकाइयों को एनपीए घोषित करने के बजाए कमेटी निर्णय लेगी। जानबूझ कर अपने को बीमार बताने वाले उद्यमियों को दंडित तथा वास्तविक बीमार को सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस’ यानी उद्योगों के संचालन में आने वाली दिक्कतों को दूर करने की नीति से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योग आगे बढ़ेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने ‘बेरोजगार से स्वरोजगार यात्रा’ का नारा देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए आरएसईटीआई (रूरल सेल्फ इम्प्लायमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) खोले जा रहे हैं ताकि वहां से युवा प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार कर सकें। शहरों में तो पहले से ही आईटीआई और पालीटेक्निक हैं। स्वरोजगार लगाने में सब्सिडी देने की योजना भी है। साल भर में करीब 48 हजार इकाइयां लगी हैं। उन्होंने कहा कि दोषमुक्त, गुणवत्तायुक्त उत्पाद के लिए स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए प्रमुख 652 जिलों की स्किल मैपिंग हो चुकी है जिसमें वहां के तकनीकी संस्थान, बेरोजगार युवा और औद्योगिक इकाइयों आदि की पूरी जानकारी है। उन्होंने कहा कि नगर से सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी की सलाह पर महानगर में टूल रूम स्थापना की योजना बन गयी है। इसके लिए कपड़ा मंत्रालय से एमओयू (आपसी समझपत्र) पर भी हस्ताक्षर हो गये हैं। करीब 200 करोड़ की इस योजना से उद्योगों को तकनीकी जानकारी लेने में काफी मदद मिलेगी। इसका शिलान्यास अगले माह होने की उम्मीद है।

Advertisements