भारत और बांग्लादेश के बीच हुए 22 समझौते, बदल जाएगा भारत का नक्शा

modisheikh2_1433603408ढाका. बांग्लादेश में लंबे समय से चले आ रहे बिजली संकट को दूर करने के लिए दो भारतीय कंपनियों ने समझौता किया है। भारत की अडानी पावर लिमिटेड ऑफ इंडिया और रिलायंस पावर लिमिटेड ऑफ इंडिया बांग्लादेश में 28426 करोड़ की लागत से 4600 मेगावॉट बिजली का उत्पादन करेंगी। प्रधानमंत्री मोदी के बांग्लादेश के दौरे पर दोनों कंपनियों ने बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (बीपीडीबी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

रिलायंस खोलेगी पावर प्लांट के चार यूनिट
रिलायंस पावर ने बीपीडीबी के साथ पावर प्लांट की चार यूनिट शुरू करने के लिए समझौते पर
दस्तखत किए हैं। कंपनी ने बयान में बताया कि इन यूनिट से 3000 मेगावॉट बिजली उत्पादन किया जाएगा। इसकी लागत तीन बिलियन डॉलर (करीब 18951 करोड़ रुपए) आएगी। प्लांट में प्राकृतिक गैस जलाई जाएगी। अडानी पावर कोयले से बिजली बनाने वाले दो यूनिट लगाएगी। जिसकी क्षमता 1600 मेगावॉट होगी। इसमें 1.5 बिलियन डॉलर ( करीब 9475 करोड़ रुपए) का खर्च आएगा। समझौते से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि करार से संबंधित आखिरी समझौता होने के बाद प्लांट्स का काम करीब 13 महीने में पूरा हो जाएगा।

भारत से बिजली आयात को पड़ोसी देश करेगा दोगुना
बीपीडीबी के डायरेक्टर मोहम्मद शैफुल इस्लाम ने बताया कि प्लांट लगाने को लेकर बातचीत जारी है। वर्तमान में बांग्लादेश में 7000 मेगावॉट बिजली बनाई जाती है, जो मांग से कहीं ज्यादा पीछे है। देश को हर दिन 1500 मेगावॉट बिजली कम मिल रही है। विदेश मंत्री अबुल हसन मेहमूद अली ने बताया कि बांग्लादेश में बिजली की मांग की देखते हुए भारत से बिजली आयात को दोगुना करने के बारे में सोच रहा है। 2017 तक हम भारत से 11 हजार मेगावॉट बिजली लेंगे। जबकि वर्तमान में 5000 मेगावॉट बिजली ले रहे हैं।

ढाका. 41 सालों से अटके हुए लैंड बॉर्डर एग्रीमेंट (एलबीए) पर शनिवार को भारत और बांग्लादेश
ने दस्तखत कर दिए। इस समझौते के तहत भारत के 111 गांव बांग्लादेश को मिलेंगे। वहीं, बांग्लादेश के 51 गांव भारत में शामिल होंगे। इस समझौते के अमल में आते ही भारत और बांग्लादेश के नक्शे बदल जाएंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच 21 और समझौते हुए। इनमें समुद्री सुरक्षा में सहयोग सहित मानव और जाली भारतीय नोटों की तस्करी पर अंकुश लगाना शामिल है। शनिवार को दो दिनों की बांग्लादेश यात्रा पर ढाका पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेजबान देश की पीएम शेख हसीना की मौजूदगी में इन समझौतों पर दस्तखत किए गए।

मोदी-शेख हसीना की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस
मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ साझा बयान में कहा, “दोनों देशों के बीच सीमा विवाद खत्म हो गया है। यह हमारी सीमाओं को अधिक सुरक्षित और लोगों के जीवन को और अधिक स्थिर कर देगा।” वहीं, शेख हसीना ने कहा, “दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, सुरक्षा, विज्ञान एवं तकनीक, शांतिपूर्ण संबंध जैसे विषयों पर समझौते हुए। दोनों देश आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। भारत बांग्लादेश का सबसे अहम पड़ोसी है।”

भारत देगा 12600 करोड़ रुपए का कर्ज
मोदी ने पड़ोसी मुल्क के लिए न केवल दो अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 12600 करोड़ रुपए) कर्ज की घोषणा की, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी मदद का भरोसा दिलाया है। मोदी ने पहले दिए गए 8 अरब अमेरिकी डॉलर ऋण पर तुरंत कदम उठाने का भी भरोसा दिलाया।

ममता बनर्जी भी रहीं साथ
मोदी की पहली बांग्लादेश यात्रा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी उनके साथ मौजूद थीं। दोनों देशों के बीच चल रहे तीस्ता नदी के पानी के बंटवारे मुद्दे पर मोदी ने बड़े आत्मविश्वास के साथ बांग्लादेश को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार की मदद से इस मसले का उचित समाधान किया जाएगा।

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