ईपीएफओ- की भविष्य निधि अदालत को अब ‘निधि आपके निकट’ के नाम से जाना जाएगा।

d2777नई दिल्ली : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की भविष्य निधि अदालत को अब ‘निधि आपके निकट’ के नाम से जाना जाएगा। ईपीएफओ ने यह नाम देकर इसे नया कलेवर दिया है। इसका मकसद भविष्य निधि संगठन केशिकायत निवारण तंत्र के दायरे का विस्तार कर उसे कर्मचारियों व नियोक्ताओं दोनों के और अधिक नजदीक लाना है।1ईपीएफओ की ओर से जारी सकरुलर के अनुसार अभी तक ‘भविष्य निधि अदालत’ ईपीएफ से संबंधित शिकायतों के समाधान का प्रमुख मंच रहा है। मगर बदलते वक्त और ग्राहकों की बदलती उम्मीदों के लिहाज से इसका स्वरूप अपर्याप्त साबित हो रहा था। लिहाजा इसे नए कलेवर के साथ नया नाम देने का निर्णय लिया गया है। इससे सर्विस डिलीवरी के मानकों के स्तर को बदलती जमीनी हकीकतों के अनुरूप उठाया जा सकेगा।

सकरुलर के अनुसार, ‘पुराने नाम से ऐसा लगता था मानों यह कोई अदालत हो, जहां केवल गरीबों व वंचितों की सुनवाई होती है, जबकि इसका मकसद कर्मचारियों के साथ-साथ नियोक्ताओं की समस्याओं की सुनवाई करना है। लिहाजा इसे ‘निधि आपके निकट’ नाम देना बेहतर समझा गया। जो महज शिकायत समाधान का पटल न होकर व्यापक स्तर पर सभी पक्षों की सहभागिता का मंच बनेगा।’ जुलाई, 2015 से ‘निधि आपके निकट’ की बैठकें भविष्य निधि अदालत की ही भांति हर महीने की 10 तारीख को ही हुआ करेंगी। यदि उस दिन छुट्टी हुई, तो फिर बैठक अगले कार्यदिवस पर होगी।जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की भविष्य निधि अदालत को अब ‘निधि आपके निकट’ के नाम से जाना जाएगा। ईपीएफओ ने यह नाम देकर इसे नया कलेवर दिया है।

इसका मकसद भविष्य निधि संगठन केशिकायत निवारण तंत्र के दायरे का विस्तार कर उसे कर्मचारियों व नियोक्ताओं दोनों के और अधिक नजदीक लाना है।1ईपीएफओ की ओर से जारी सकरुलर के अनुसार अभी तक ‘भविष्य निधि अदालत’ ईपीएफ से संबंधित शिकायतों के समाधान का प्रमुख मंच रहा है। मगर बदलते वक्त और ग्राहकों की बदलती उम्मीदों के लिहाज से इसका स्वरूप अपर्याप्त साबित हो रहा था। लिहाजा इसे नए कलेवर के साथ नया नाम देने का निर्णय लिया गया है। इससे सर्विस डिलीवरी के मानकों के स्तर को बदलती जमीनी हकीकतों के अनुरूप उठाया जा सकेगा। सकरुलर के अनुसार, ‘पुराने नाम से ऐसा लगता था मानों यह कोई अदालत हो, जहां केवल गरीबों व वंचितों की सुनवाई होती है, जबकि इसका मकसद कर्मचारियों के साथ-साथ नियोक्ताओं की समस्याओं की सुनवाई करना है। लिहाजा इसे ‘निधि आपके निकट’ नाम देना बेहतर समझा गया। जो महज शिकायत समाधान का पटल न होकर व्यापक स्तर पर सभी पक्षों की सहभागिता का मंच बनेगा।’ जुलाई, 2015 से ‘निधि आपके निकट’ की बैठकें भविष्य निधि अदालत की ही भांति हर महीने की 10 तारीख को ही हुआ करेंगी। यदि उस दिन छुट्टी हुई, तो फिर बैठक अगले कार्यदिवस पर होगी।

Advertisements