अब नहीं कर सकेंगे ‘नोट’ पर ‘प्रेम’ का इजहार

देहरादून। प्यार के मामले में लवर्स इजहार करने के निराले तरीकों खोज ही निकालते हैं, इन्हीं में से एक तरीका है नोट पर अपने लवर का नाम लिख कर अपने प्यार का इजहार करना, लेकिन बता दें कि प्यार के इजहार का यह तरीका देश की करंसी डंप कर रहा है। दरअसल, आरबीआइ की नई गाइडलाइन के तहत कुछ भी लिखे नोट चलन से बाहर कर दिए जाएंगे। आरबीआइ ने 30 जून 2015 के बाद लिखे हुए नोटों को बैन करने का निर्देश दिया है।

rbi note policy30 जून से लिखे नोट होंगे प्रतिबंधित

साल 2013 से आरबीआइ क्लीन नोट पॉलिसी के तहत लिखे हुए नोट बंद करने के लिए एक मुहिम पर लगी है, लेकिन अभी तक मुहिम पूरी तरह से रफ्तार नहीं पकड़ नहीं सकी है। मुहिम के तहत आरबीआइ ने धीरे-धीरे लिखे हुए नोट पूरी तरह बंद करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब आरबीआइ ने इसे पूरी तरह से बंद करने के लिए नियम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। जिसके तहत 30 जून के बाद से ऐसे किसी भी नोट को बैंक स्वीकार नहीं करेगा जिस पर कुछ भी लिखा होगा। क्लीन नोट पॉलिसी के तहत उठाए गए इस कदम के बाद यह नोट न तो बैंक में स्वीकार्य होंगे और न ही मार्केट में चलेंगे।

नोट बर्बाद न कर दे संदेशा

अगर आप भी अपने प्यार का इजहार नोट पर कुछ लिखकर करना चाहते हैं तो सावधान हो जाइए. क्योंकि भले ही इस तरीके से आपके प्यार में मिठास घुल जाए, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक के लिए ऐसे नोट डंप हो जाएंगे। इनका कोई मोल नहीं होगा यानि वो नोट्स आरबीआइ के लिए कीमतविहीन हो जाएंगे। बाजार में भी इन नोटों को कोई मोल नहीं होगा।

30 जून तक नहीं होगा नुकसान

आरबीआइ के क्लीन नोट पॉलिसी की गाइडलाइन के अनुसार लिखे नोट 30 जून के बाद बंद कर दिए जाएंगे, लेकिन घबराइए नहीं इससे आपको नुकसान नहीं होगा। दरअसल, लोगों में भ्रम की स्थिति है कि उनके पास जो भी लिखे नोट हैं वो बैंक में नहीं चलेंगे और डंप हो जाएंगे, बल्कि हकीकत यह है कि ऐसे नोट बैंक में पहुंचने के बाद आपसे कोई शिकायत नहीं की जाएगी। बल्कि बैंक अपने स्तर से उस नोट को खुद ही डंप करने के लिए आगे भेज देगा। और फिर उस नोट की जगह पर नया नोट छापा जाएगा, लेकिन यह प्रक्रिया 30 जून तक की जाएगी। इसके बाद कोई भी नोट न बदला जाएगा और न ही आगे चलाया जा सकेगा।

2014 से शुरू हुई थी मुहिम

दरअसल, आरबीआइ ने इस योजना को कई चरणों में अमलीजामा पहनाने का प्लान साल 2014 में लागू किया था। जिसके तहत शुरुआत में ऐसे नोट चलन से बाहर किए गए जो पूरी तरह से सड़ी-गली स्थिति में हैं। उसके बाद वो नोट चलन से बाहर किए जिन पर कोई धार्मिक चिन्ह या धार्मिक उन्माद फैलाने वाली कोई बात लिखी थी। अब प्लान के आखिरी फेज में उन नोटों को डंप करने का काम शुरू किया गया था, जिन पर राजनैतिक पार्टी का निशान, स्लोगन, प्यार का इजहार या फिर किसी दूसरे तरह के संदेश लिखे हुए हैं। आरबीआई ने सभी बैंकों को यह गाइडलाइन जारी की है कि ग्राहकों द्वारा बैंक में जमा कराए गए लिखे नोट स्वीकार करें, लेकिन किसी अन्य ग्राहक को न दें। बल्कि उन्हें एकत्र कर डंप करने के लिए आगे भेज दें।

30 जून तक इन निर्देशों को पालन होगा। ग्राहक किसी भी भ्रम की स्थिति से बचने के लिए आरबीआइ की वेबसाइट देख सकते हैं। -भागवत सिंह, एजीएम, एसएलबीसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया दूसरे देशों में लिखे हुए नोट नहीं चलते। हमारे देश में लोग नोट पर कुछ भी लिख देते हैं। लेकिन अब ऐसे नोट नहीं चलेंगे। आरबीआई द्वारा क्लीन नोट पॉलिसी को लेकर गाइडलाइन बैंकों को जारी की गई है उसके तहत लिखे हुए नोट 30 जून तक बैंक बदलेंगे। इसके बाद कोई भी नोट बदला नहीं जाएगा। देश की करंसी को साफ रखना हम सभी का कर्तव्य है। -जगमोहन मेंदीरत्ता, सेक्रेटरी, उत्तरांचल बैंक एंप्लॉइज यूनियन 

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