करना चाहते हैं ट्रांसपोर्ट कारोबार, बिना गिरवी रखे मिलेगा 1 करोड़ तक कर्ज

india-trucks_1435412061नई दिल्ली। यात्रियों को ढोने की बात हो या सामान की, देश में ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में कारोबार की असीम संभावनाएं हैं। सरकार का भी परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा देने पर खासा जोर है। इस दिशा में सरकार सड़कों के निर्माण पर खासा जोर दे रहे है। नई सड़कों के निर्माण के साथ ही ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में कारोबार के नए मौके सामने आ रहे हैं। इससे नए कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं तो पुराने ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के लिए भी विस्तार की संभावनाएं पैदा हुई हैं। इसीलिए देश के प्रमुख पंजाब नैशनल बैंक की एक अच्छी योजना ‘फ्लीट फाइनेंस’ है। इसके माध्यम से बिना कुछ गिरवी रखे एक करोड़ रुपए तक का कर्ज लिया जा सकता है। इस योजना का लाभ ट्रांसपोर्ट के कारोबार में पहले से लगे और साथ ही इस कारोबार में उतरने के इच्छुक लोग इसका लाभ उठा सकते हैं।
कौन उठा सकता है इसका लाभ
  1. यात्रियों या सामान ढोने के लिए वाहन खरीदने के इच्छुक व्यक्ति या कंपनी (एसोसिएशन) इसका लाभ उठा सकती है।
  2. कर्ज के लिए आवेदन करने वाले के पास आवश्यक ड्राइविंग लाइसेंस या वैध लाइसेंस रखने वाला ड्राइवर होना चाहिए, जो वाहन चला सके।
  3. कर्ज लेने वाले के पास यात्रियों या सामान की ढुलाई के लिए संबंधित विभाग से मिला परमिट होना चाहिए।
  4. लेनदार के पास पर्याप्त अनुभव होना चाहिए और व्यवसाय कौशल होना चाहिए।
  5. एक या उससे ज्यादा ट्रक/बस रखने वाले ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स भी इसके हकदार होंगे।
क्या है इसका उद्देश्य
इस योजना के माध्यम से स्टैंडर्ड विनिर्माण कंपनियों द्वारा बनाए गए नए या पुराने वाहन खरीदे जा सकते हैं।
नए ट्रक या बस के लिए कितना मिल सकता है कर्ज और कितना होगा मार्जिन
चेसिस, बॉडी बनाने की लागत सहित वाहन पर आने वाले कुल खर्ज का 90 फीसदी लिया जा सकता है।
नए वाहनों के लिए मार्जिन 10 फीसदी, पुराने वाहनों के लिए 25 फीसदी निर्धारित किया गया है।
क्या देनी होगी ब्याज दर
बैंक के नियमों के मुताबिक इसके लिए ब्याज दर बदलती रहती है, जो कर्ज की रकम पर निर्भर करती है।
क्या रखना होगा गिरवी
कर्ज से लिया गया वाहन बैंक के पास गिरवी रहेगा। यह वाहन संयुक्त रूप से कर्ज लेने वालों के नाम पर होना चाहिए, साथ ही इसका उचित पंजीकरण होना चाहिए।
10 लाख रुपए के कर्ज परः अगर कर्ज क्रेडिट गारंटी स्कीम ऑफ सीजीटीएमएसई के अंतर्गत आता है तो गारंटी या अचल संपत्ति के रूप में कुछ भी गिरवी नहीं रखना होगा।
10 लाख रुपए से ज्यादा कर्जः अग्रिम के बराबर अचल संपत्ति/एफडीआर/एनएससी/आईवीपी/केवीपी या शेयर/डिबेंचर/बॉन्ड जैसी बैंकेबिल सिक्योरिटी गिरवी रखनी होगी या थर्ड पार्टी गारंटी देनी होगी। हालांकि सीजीटीएमएसई की क्रेडिट गारंटी स्कीम के अंतर्गत एक करोड़ रुपए तक के कर्ज के लिए कोई सिक्युरिटी या थर्ड पार्टी गारंटी की जरूरत नहीं होगी।
कितने समय में चुकाना होगा कर्ज
नए वाहन के लिएः यह कर्ज अधिकतम मासिक किस्तों के माध्यम से 60 महीनों के दौरान लौटाया जाएगा, जिसकी शुरुआत वाहन के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए सड़क पर उतरने की तारीख से होगी।
पुराने वाहन के लिएः पुराने वाहनों के मामले में पुनर्भुगतान कर्ज दिए जाने के एक महीने बाद किस्त शुरू होगी और कर्ज 30 से 48 महीनों के दौरान लौटाना होगा।
सावधि कर्ज के लिए अपफ्रंट शुल्कः 25,000 रुपए तक के कर्ज के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा और 2 लाख रुपए तक के कर्ज पर 270 रुपए और 2 लाख रुपए से ज्यादा के कर्ज पर कर्ज की रकम का 1.25 फीसदी शुल्क के रूप में चुकाना होगा। इसके अलावा डॉक्युमेंटेशन शुल्क भी चुकाना होगा।
बीमा
कर्ज लेने वालों को वाहन के लिए जरूरी बीमा भी कराना होगा। बीमा पॉलिसी को बैंक के पास जमा करना होगा।
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