1 रुपया बनाने में खर्च हो रहा है 1 रुपया 14 पैसा!

नई दिल्ली (1 जुलाई): वित्त मंत्रालय द्वारा कुछ समय पूर्व फिर से शुरू किए गए एक रुपये के नोट की कीमत 1.14 रुपये बैठ रही है। सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में यह तथ्य सामने आया है। आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल ने भारत प्रतिभूति मुद्रणालय तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड में आरटीआई लगाकर जानकारी मांगी थी जिसके जवाब में उसे यह सूचना दी गई है।

मुद्रणालय ने बताया कि इस नोट को उसने वर्ष 2014-15 के दौरान फिर से छापना शुरू किया जिस पर 1.14 रुपये प्रति नोट की लागत आ रही है। हालांकि एक रुपये के नोट को पहले सरकार ने 1994 में बंद कर दिया गया था। वजह यह थी कि उसकी छपाई की लागत ज्यादा आ रही है। इसके बाद 1995 में इसी कारण के चलते दो और पांच रुपये के नोट भी बंद कर दिए गए।

बता दें कि वित्त मंत्रालय ने 6 मार्च 2015 को एक रुपये का यह नोट फिर से लांच किया था। एक रुपये के नोट पर वित्त सचिव राजीव महर्षि के दस्तखत हैं। इस पर रिजर्व बैंक आफॅ इंडिया के गवर्नर के हस्ताक्षर नहीं होते हैं। लेकिन इस एक रुपये के नोट के बारे में आरबीआई को ज्यादा जानकारी नहीं है।

1 rs note

New Delhi: The cost of printing one rupee note, which was recently re-introduced after a gap of 20 years, is Rs 1.14, more than its value, an RTI query has revealed.

The Security Printing and Minting Corporation of India (SPMCIL), under the central government, said in the RTI response that the cost is subject to audit, which is in progress, for financial year 2014-15.

“The cost of one rupee note is Rs 1.14 (provisionally and unaudited) as determined in accordance with the principle of costing and costing module,” it said replying to the application filed by activist Subhash Chandra Agrawal.

The printing of one-rupee notes was discontinued in 1994 because of high printing cost as compared to their lives.

Similarly, the notes of two-rupee and five-rupee denominations were subsequently discontinued for the same reason, Mr Agrawal said.

The denominations have been coinised.

However, the Union Finance Ministry subsequent to a gazette-notification dated December 16, 2014 ultimately re-issued one-rupee notes on March 6, 2015 at Shrinathji Temple (Nathdwara), Rajasthan, Agrawal said.

Unlike other currency notes which the bear signature of RBI Governor, the one rupee note has signature of the Finance Secretary, and Mr Agrawal demanded an enquiry into the “retrogressive” step.

“Enquiry should be made if retrogressive step of re-issue of costly one rupee notes was taken so that signature of top bureaucrat of Union Finance Ministry may appear on these notes for becoming a historical feature in future,” he said.

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