पांच हजार टन उड़द दाल आयात करेगी सरकार

नई दिल्ली। आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार पांच हजार टन उड़द दाल का भी आयात करने का मन बना रही है। इसका मकसद दालों की बढ़ती कीमत पर अंकुश लगाना है। इतनी ही मात्रा में अरहर आयात का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है।

07_07_2015-pul1खुदरा बाजार में अरहर सहित ज्यादातर दालों के भाव 100 रुपये प्रति किलो से ऊपर हैं। पिछले साल प्रतिकूल मौसम के कारण दलहन उत्पादन घटने की वजह से यह तेजी आई है। 2014-15 में दलहन उत्पादन 20 लाख टन घटकर करीब 1.74 करोड़ टन रह गया। देश में दलहन की खपत उत्पादन से अधिक है। सालाना करीब 40 लाख टन दलहन का आयात करना पड़ता है। उपभोक्ता मामलों के सचिव सी विश्वनाथ ने महंगाई पर राज्यों के खाद्य मंत्रियों की बैठक में कहा कि जून से कुछ जरूरी चीजों के भावों में अमूमन बढ़ोतरी देखी जाती है। लेकिन, दालों के भाव ज्यादा बढ़ रहे हैं। लिहाजा, आपूर्ति बढ़ाना जरूरी है। इसीलिए पांच हजार टन उड़द के आयात पर विचार किया जा रहा है।

विश्वनाथ ने बताया कि पांच हजार टन अरहर आयात की निविदा को पहले ही जारी किया जा चुका है। इसकी आवक सितंबर तक होने की उम्मीद है। आपूर्ति बढ़ाने के लिए काबुली चने, जैविक दालों और मसूर को छोड़कर बाकी दालों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके अलावा राज्य सरकारों को दालों पर स्टॉक सीमा लगाने की छूट दी गई है, ताकि व्यापारी जमाखोरी न कर सकें। स्टॉक सीमा का आदेश सितंबर तक के लिए है।

पिछले साल दलहन की पैदावार में 20 लाख टन की कमी के चलते दाल के खुदरा मूल्य में पिछले सालभर में 60 फीसद से अधिक की वृद्धि हुई है। दालों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए आयात की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उड़द व अरहर दाल विदेश से मंगाई जा रही है। प्याज व दालों की स्टॉक सीमा की मियाद को सालभर के लिए और बढ़ा दिया गया है।

दाल की कीमत पहले – अब

अरहर 75 – 140

मसूर 70 – 140

उड़द 85 – 120

चना 65 – 95

मूंग (धूली) 85 – 160

(दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में दालों की खुदरा कीमत)

 

Advertisements