छोटे शहरों में बढ़ी ऑनलाइन किराना उत्पादों की मांग

स्मार्टफोन और ब्रॉडबैंड के इस्तेमाल में आ रही तेजी के साथ ही घर बैठे मनपंसद वस्तुओं की खरीद के प्रति बढते आकर्षण से ऑनलाइन किराना उत्पादों की मांग में भी तेजी आने लगी है और अपेक्षाकृत छोटे शहरों में भी लोग पड़ोस की दुकान में जाने की बजाय ऑनलाइन मार्केट प्लेस को अपनाने लगे हैं।

online-05-01-2016-1451992258_storyimageकरीब 60 हजार करोड़ रुपये के संगठित भारतीय किराना बाजार में उत्पादों की ऑनलाइन बढती मांग के कारण इस क्षेत्र में कारोबार करने वाली कंपनियों की संख्या बढती जा रही है। हालांकि कुछ कंपनियां अभी सिर्फ महानगरों तक सीमित हैं, लेकिन टीयर-दो और तीन शहरों के ऑर्डर में हो रही बढातरी से वे अब उन शहरों का रुख करने की तैयारी कर रही हैं। कुछ कंपनियां स्वयं उत्पादों की खरीद और आपूर्ति करती हैं तो कुछ इलाके के दुकानदारों को अपने नेटवर्क में शामिल कर उत्पादों की आपूर्ति कर रही हैं।

उद्योग संगठन एसोचैम पीडब्ल्यूसी के अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2014 में करीब चार करोड़ लोगों ने ऑनलाइन खरीददारी की है जिसके वर्ष 2015 में बढकर 6.5 करोड पर पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग के भी वर्ष 2020 तक बढकर 100 अरब डॉलर पर पहुंचने की संभावना है। हालांकि इस अध्ययन में पूरे ई कामर्स उद्योग का आंकडा दिया गया है। इसमें किसी सेगमेंट को अलग नहीं किया गया है।

‘आस्कमी ग्रासरी डॉट कॉम’ ने बढ़ते कारोबार के मद्देनजर मार्च तक 75 शहरों में विस्तार की योजना बनायी है। अभी वह देश के 27 शहरों में कारोबार कर रही है। कंपनी के संस्थापक अंकित जैन के अनुसार, उनके प्लेटफॉर्म पर 25 हजार से अधिक उत्पाद हैं और अलग-अलग शहरों में मांग के अनुसार उत्पाद शामिल किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी का कारोबार करने का अलग तरीका है। उसका न तो अपना वेयर हाउस है, न ही अपने उत्पाद। ग्राहक जिस इलाके का चयन करते हैं उस इलाके में आमतौर पर बिकने वाले उत्पादों की सूची उनके सामने का जाती है।

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