ज्वैलरी की खरीद कर काला-धन खपाना आसान नहीं होगा

काले धन के तंत्र की कमर तोड़ने में जुटी सरकार की अब वैलरी की बिक्री पर टेढ़ी नजर है

15_11_2016-jewelleryनई दिल्ली (ब्यूरो): काले धन के तंत्र की कमर तोड़ने में जुटी सरकार की अब वैलरी की बिक्री पर टेढ़ी नजर है। वह ज्वैलर्स पर करीब से नजर रख रही है। टैक्स अधिकारियों को शक है कि पैन नंबर से बचने के लिए वे दो लाख रुपए से अधिक की बिक्री टुकड़ों में दिखा रहे हैं। 500 और 1000 के नोटों के बंद किए जाने के बाद सोने-चांदी के कारोबार में तेजी आई है। बताया जा रहा है कि काली कमाई को खपाने के लिए इन धातुओं में निवेश किया जा रहा है।
पिछले हफ्ते सोना 50,000 रुपए प्रति दस ग्राम तक के भाव पर बेचा गया। यह इसके बाजार मूल्य 31,000 रुपए प्रति दस ग्राम से काफी यादा था। कीमती धातुओं के जरिए काली कमाई को सफेद करने के लिए 20 से 40 फीसद तक का कमीशन भी लिया गया। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने बताया कि दो लाख से अधिक की ज्वैलरी बेचने पर पैन नंबर अनिवार्य है। जहां भी नियम तोड़े गए होंगे, आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नकदी जमा का मामला हो या फिर पुराने नोटों से सामान खरीदने का, विभाग की हर लेनदेन पर नजर है।
पुराने बैंक कर्मी रखे जाएं:नोटों की अदला-बदली और नकदी निकासी के काम को रफ्तार देने के लिए सरकार को बैंकों को सेवानिवृत्त कर्मचारियों को रखने की अनुमति देनी चाहिए। उद्योग संगठन एसोचैम ने यह सुझाव दिया है।

पेट्रोल 1.46 और डीजल 1.53 रुपए सस्ता हुआ:

मंगलवार को तेल कंपनियों की तरफ से की गई घोषणा के बाद पेट्रोल के दाम 1.46 और डीजल के दाम 1.53 रुपये प्रति लीटर कम कर दिए जाएंगे। नई दिल्ली: नोटबंदी के कारण परेशान लोगों को पेट्रोल और डीजल के मोर्चे पर थोड़ी राहत मिली है। मंगलवार को तेल कंपनियों की तरफ से की गई घोषणा के बाद पेट्रोल के दाम 1.46 और डीजल के दाम 1.53 रुपये प्रति लीटर कम कर दिए जाएंगे। ये नई दरें मंगलवार आधी रात से लागू होंगी। ऐसा माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार चढ़ाव के बाद सरकारी कंपनियों ने यह फैसला किया है।

 बाजार में भारी गिरावट लेकिन बैंकिंग सेक्टर में दिखी तेजी:एक ओर सेंसेक्स पांच महीनों के निचले स्तर पर आ गया है वहीं, ऑटो और पीएसयू ऐसे सेक्टर्स रहें जहां बढ़त देखने को मिली है

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार आज भारी गिरावट के साथ बंद हुए है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 500 अंक से ज्यादा और निफ्टी में 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट हुई। जहां एक ओर सेंसेक्स पांच महीनों के निचले स्तर पर आ गया है वहीं, ऑटो और पीएसयू ऐसे सेक्टर्स रहें जहां बढ़त देखने को मिली है। इनमें आई बढ़त के पीछे मुख्य कारण यह हैं-

बैंकिंग सेक्टर में क्यों आई तेजी:

सितंबर 2016 की तिमाही में कॉरपोरेशन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रॉफिट रिपोर्ट करने के बाद दोनों बैंकों के शेयर्स में क्रमश: 13.3 फीसदी और 9.3 फीसदी की तेजी देखी गई है।बीते शुक्रवार को बैंक ऑफ बड़ौदा ने सितंबर तिमाही में चार गुना मुनाफा (552.1 करोड़) दर्ज किया है। पिछले वर्ष इसी दौरान बैंक ने अपना मुनाफा (124.4 करोड़) दर्ज किया था।कॉरपोरेशन बैंक ने बीते सोमवार को दूसरी तिमाही में 9 फीसदी की वृद्धि के साथ 206 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज कराया।

वहीं इन दोनों बैंकों ने ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग एसेट (जीएनपीए) में भी तेजी दर्ज की है। कॉरपोरेशन बैंक ने कुल एडवांस का 10.81 फीसदी का जीएनपीए दर्ज किया है। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा ने 11.35 फीसदी का जीएनपीए दर्ज किया है।कॉरपोरेशन बैंक का आज का उच्चम स्तर 48.85 और निचला 44.40 रहा। वहीं शेयर्स के 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर भी यही रहा। यह 13.06 फीसदी की तेजी के साथ 47.60 के स्तर पर बंद हुआ।बैंक ऑफ बड़ौदा का आज का उच्चतम स्तर 177.05 और निचला 165.60 रहा। वहीं शेयर्स के 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 182.45 रहा। यह 8.49 फीसदी की तेजी के साथ 174.35 के स्तर पर बंद हुआ है।

Advertisements