कानपुर। नोट की बंदी की चोट से रसोई की रोज की जरूरत का ख्याल रखने वाली मंडियां ठंडी पड़ी हैं।

कानपुर। नोट की बंदी की चोट से रसोई की रोज की जरूरत का ख्याल रखने वाली मंडियां ठंडी पड़ी हैं। आलू, फल, सब्जी मंडी दम-सा तोड़ गई है। मंडियों में 15 से 25 फीसदी कारोबार किसी तरह हो रहा है। आलू मंडी टूट गई हैं। थोक मंडी में नए आलू के दाम आठ रुपए प्रति किलो तक टूट गए हैं। दाल और आटा मिलों में आने वाले ट्रकों के पहिए थम गए हैं। माल आ रहा है तो लिवाल नहीं है। तिलहन, दलहन, गल्ला की आढ़तों में दिनभर की चहल-पहल सन्नाटे में तब्दील हो गई है। रोज 800 से ज्यादा ट्रक की आवक वाली गल्ला मंडी में 150 से 200 ट्रक मुश्किल से आ रहे हैं।

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नोट की चोट: नोटबंदी के ऐलान के नौ दिन बाद भी बाजारों में रौनक नहीं लौट पाईहै। आलम यह है फल से लेकर सब्जी और गल्ला जैसी जरुरत की मंडियों में भी सन्नाटा पसरा है

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