बंदी की कगार पर पहुंचा शहर का कारोबार

कानपुर। औद्योगिक नगरी के उद्यमियों ने केन्द्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन 12 दिन बीतने के बाद अभी तक नकदी संकट होने से व्यवस्थाओं पर सवाल भी किए हैं। उद्यमियों ने कहा कि उद्योगो में कारोबार न होने के चलते उन्हें बैंको द्वारा लिए गए कर्ज के ब्याज का खतरा सता रहा है।500 और 1000 रुपए के नोट बंदी होने के चलते इसक गहरा असर शहर के कारोबार पर पड़ा है। व्यापार मंडल के मुखियाओं ने कहा कि इस तरह का आलम पहले की नोट बंदी में भी नहीं देख गया था। केन्द्र सरकार का यह कदम तो काफी अच्छा है, लेकिन सरकार के पास इससे निपटने की तैयारियां ठोस नहीं थीं, जिसके चलते उन्हें खुद एक सप्ताह में चार से पांच अपने बयान बदलने पड़े, जब ग्राहकों और किसानों के पास पैसा आएगा उसके बाद मार्केट चलेगा।

पुराने नोटों (1000-500 के नोट) को बदलने और जमा करने के लिए बैंकों और एटीएम में लाइन लगना कम नहीं हो रहा है। शहर में अधिकतर सभी बैंकों की शाखा में पुरुष और महिलाएं लंबी-लंबी लाइन लगाए दिख रहे हैं। सीसामऊ स्थित पीएनबी शाखा में शनिवार को बाहर तक लोग लाइन लगा बारी का इंतजार करते रहे।

d71595984d71596294
%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%8a-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%be

Advertisements