तो आ रहा है अब 20 का नया नोट,जमा हुए 97 फीसदी पुराने नोट

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया बहुत जल्द गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल के हस्ताक्षर वाला 20 रुपये का नया नोट भी जारी करेगा। महात्मा गांधी-2005 सीरीज के इस नोट के दोनों नंबर पैनल पर इनसेट लेटर नहीं होंगे, नंबर छोटे से बड़े क्रम में लिखे होंगे। इसके अलावा नए नोट पर वर्ष 2016 भी अंकित होगा। अन्य सुरक्षा फीचर पुराने नोट जैसे होंगे। पुराने नोट भी चलन में बने रहेंगे।

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नोटबंदी के बाद 30 दिसंबर तक बैंकों में जमा हुए 97 फीसदी पुराने नोट

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नोटबंदी के बाद 15 लाख करोड़ रुपये मूल्य (500 और 1000 रुपये) तक के पुराने नोट मिलने की उम्मीद लगाई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के बाद बैन किए गए नोट बैंकों में जमा करने की समय सीमा 30 दिसंबर 2016 समाप्त हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक 30 दिसंबर तक 97 फीसदी पुरानी करंसी बैंकों में वापस आ चुकी है। हालांकि सरकार और आरबीआई ने इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। जो आधिकारिक आंकड़े आए हैं, वे 10 दिसंबर 2016 तक के हैं। इनमें आरबीआई की ओर से बताया गया है कि 12.44 लाख करोड़ रुपये की राशि के पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट वापस आ गए है। नोटबंदी की घोषणा के समय अर्थव्यवस्था में 500 और 1000 रुपये के नोट के रूप में करीब 15.4 लाख करोड़ रुपये की राशि थी। सूत्रों के मुताबिक, 30 दिसंबर 2016 तक इसमें से 14.97 लाख करोड़ रुपये बैंकों में वापस आ चुके हैं। शुरुआत में केंद्र सरकार ने उम्मीद की थी कि नोटबंदी के फैसले के बाद टैक्स चोरी कर जमा किए गए 5 लाख करोड़ रुपये जो कि कालेधन के रुप में है वो न केवल वापस आएंगे बल्कि नोटबंदी के फैसले से बेकार भी हो जाएंगे। मौजूदा समय की बात की जाए तो 97 फीसदी 500 और 1000 के पुराने नोट बैकों में वापस आ चुके हैं। यह आंकड़ा 100 फीसदी तक भी जा सकता है क्योंकि विदेश में रह रहे एनआरआई 31 मार्च तक और नोटबंदी के समय विदेश गए भारतीय आरबीआई में अपने पुराने नोटों को जमा करवा सकते हैं। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 30 दिसंबर 2016 तक बैंकों में कुल 94 फीसदी बैन किए जा चुके नोट जमा हो चुके हैं। मसलन, आरबीआई को इससे महज 90 हजार करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपए का ही विंडफाल गेन हुआ है, जबकि इसके 3 लाख करोड़ रुपए रहने की उम्मीद की जा रही थी।

 

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