जीएसटी से रसोई घर में लगेगी ‘आग’, लग्जरी आइटम होंगे सस्ते!

GST के 4 लेयर्स पर सहमति बनी है। इन लेयर्स कोलागू किया जाता है तो रसोई घर से जुड़े सामान महंगे हो जाएंगे और लग्जरी आइटम सस्ते…

नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों से टैक्स के लेयर तय करने के लिए बैठक की है। इसमें जीएसटी के 4 लेयर्स पर सहमति बनी है। ये लेयर 6 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 26 प्रतिशत तय हुए हैं। इन प्रस्तावित लेयर्स को लागू किया जाता है तो रसोई घर से जुड़े सामान महंगे हो जाएंगे और लग्जरी आइटम सस्ते।

1 अप्रैल 2017 से प्रस्तावित जीएसटी के लागू होने पर चिकन, सरसों का तेल, नारियल तेल, मूंगफली, काजू, हल्दी, धनिया, जीरा, बेसन जैसी खाद्य वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। इसके साथ ही इत्र, सेविंग क्रीम, पाउडर, बालों का तेल, शैंपू, साबुन और प्रसाधन का अन्य सामान भी सस्ता हो जाएगा। वर्तमान में इन सभी उत्पादों पर 29 प्रतिशत की दर से कर लगता है जो कि घटकर 26 प्रतिशत हो सकता है।

हालांकि बिस्कुट, चॉकलेट और चिप्स जैसी चीजों पर कर बोझ बरकरार रह सकता है। गैस के चूल्हे, गैस बर्नर, मोस्किटो रिपेलेंट और कीटनाशी महंगे हो सकते हैं, क्योंकि इन पर अभी 25 फीसदी कर लगता है, जो जीएसटी व्यवस्था में बढ़कर 26 फीसदी हो जाएगा।

अप्रत्यक्ष कर के इस ढांचे में दूसरी तरफ कुछ टिकाऊ उपभोक्ता सामान जैसे टेलीविजन, एयर कंडीशनर्स, फ्रिज और वाशिंग मशीन आदि करों में कमी से सस्ते हो सकते हैं। सोने पर 4त्न लेवी का प्रपोजल है वहीं एजुकेशन, हेल्थ सेक्टर को लेवी से बाहर रखा गया है। पान मसाला, तंबाकू, लग्जरी कारें और महंगी घड़ियों पर भी लेवी लगेगी। पॉल्युशन फैलाने वाले प्रोडक्ट्स पर उपकर लग सकता है।

इसी प्रकार वर्तमान में जो उत्पाद 15 से 21 प्रतिशत के दायरे में आते हैं उन पर 18 प्रतिशत की मानक दर से कर लगाया जायेगा। इसके बाद 21 प्रतिशत से ऊंची दर वाले उत्पादों पर 26 प्रतिशत की दर से कर लगेगा। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी
काउंसिल की 18 से 19 अक्टूबर को हुई बैठक में इस संबंध में चर्चा हुई।
हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय 3 और 4 नवंबर की बैठक में होना है।

 

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