1 अप्रैल से बदल जाएगा बहुत कुछ, जानिए देश में क्या होगा महंगा और क्या होगा सस्ता

जानिए एक अप्रैल से देश में क्या कुछ महंगा और सस्ता होने वाला है

30_03_2017-april1नई दिल्ली: नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही यानी 1 अप्रैल से देश के भीतर कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। आम बजट 2017-18 में काफी सारे ऐसे प्रस्ताव रखे गए हैं जिन्हें 1 अप्रैल से ही अमल में लाया जाना है। अगर आम आदमी की नजर से देखा जाए तो 1 अप्रैल से काफी सारे ऐसे बदलाव भी होने जा रहे हैं जो सीधे तौर पर उसकी जेब पर असर डालेंगे। जानिए 1 अप्रैल से क्या कुछ हो जाएगा सस्ता और क्या मिलेगा महंगा।

सबसे पहले जानिए क्या कुछ होगा सस्ता:

सस्ता होगा रेल का सफर: अगर आप ऑनलाइन टिकट बुक करवाते हैं तो आपके लिए रेल का सफर सस्ता हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रेल टिकट पर सर्विस चार्ज कम हो जाएगा जिस वजह से टिकट की बुकिंग सस्ती हो जाएगी। आम बजट 2017-18 में रेल टिकट की बुकिंग पर लगने वाले चार्ज को कम कर दिया गया था।

घर खरीदना होगा आसान:
अगर आप नया घर खरीदने का मन बना रहे हैं तो नया वित्त वर्ष आपके लिए सौगात लेकर आया है। ऐसा इसलिए क्योंकि आम बजट 2017-18 में केंद्र सरकार ने लोगों सस्ते मकान उपलब्ध कराने के लिए होम लोन ब्याज पर छूट की घोषणा की थी।

और क्या होगा सस्ता:
अगर आम बजट के प्रावधानों पर गौर करें तो आरओ के दाम कम होंगे, लेदर का सामान सस्ता होगा और डाक की सुविधा भी सस्ती हो जाएगी।

क्या होगा सस्ता ये जानने के साथ साथ आपके लिए यह जानना भी काफी जरूरी है कि 1 अप्रैल से क्या कुछ महंगा होने वाला है जो सीधे तौर पर आम आदमी पर असर डालेगा।

यह होगा महंगा:
नए वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से ही मोटरसाइकिल, कार और कमर्शियल वाहनों का बीमा एक अप्रैल से महंगा होने जा रहा है। NHAI ने टोल में 2 से 3 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। इसके अलावा तमाम टेलीकॉम कंपनियां जो अब तक फ्री में अनलिमिटेड डाटा और कॉलिंग की सुविधा दे रही थीं, वह 31 मार्च को इन्हें खत्म कर देंगी। साथ ही एलईडी बल्ब महंगे हो जाएंगे। चांदी के बर्तन और चांदी से बनने वाले सामान महंगे होंगे। स्टील के बर्तन भी एक अप्रैल से महंगे हो जाएंगे। तंबाकू वाले पान-मसाले व गुटखे पर उत्पाद शुल्क 10 फीसद से बढ़कर 12 फीसद हो जाएगा, इसका असर उन लोगों की जेब पर पड़ेगा जो इसका इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा अब लोगों को सिगरेट का कश भी महंगा पड़ने वाला है।

1 अप्रैल से बदल जाएंगे रेलवे के ये नियम, जानें पैसेंजर को क्या होगा फायदा...

indiantrains1_1490884761वेटिंग लिस्‍ट वाले पैसेंजरों के लिए एक खुशखबरी है। रेलवे 1 अप्रैल से ‘विकल्प’ स्कीम लॉन्च करने जा रही है। विकल्प स्कीम के तहत अब रेलवे का वेटिंग टिकट लेने वाले पैसेंजर अगली ट्रेन में कन्फर्म सीट पा सकते हैं। इस स्कीम के तहत मेल और एक्सप्रेस ट्रेन का टिकट लेने के बाद राजधानी या शताब्दी ट्रेन में भी ट्रेवल्‍स कर सकेंगे। साथ ही रेवले को इस स्कीम के लागू होने से टिकट रिफंड भी कम करना पड़ेगा जो सीधे तौर पर उसके लिए फायदेमंद होगा। साथ ही सीनियर सिटीजन को टिकट में छूट देने के लिए भी रेलवे ने अपने नियमों में बदलाव किए हैं।

30_03_2017-april1-1चार्ट निकलने के बाद वेटिंग टिकट को मिलेगा लाभ      विकल्प स्‍कीम में उन पैसेंजर का चयन किया जाएगा, जिनकी सीट चार्ट तैयार होने के बाद भी कन्फर्म नहीं होगा।रेलवे केवल उन्‍हीं पैसेंजर को वैकल्पिक ट्रेन में सीट के आवंटन करने पर विचार करेगा। इसके लिए न ही किसी पैसेंजर से कोई अतिरिक्त चार्ज लिया जाएगा और न ही किराया में अंतर होने पर रिफंड की सुविधा दी जाएगी।इस स्कीम के तहत ऐसा भी हो सकता है कि जिन पैसेंजर ने राजधानी या शताब्दी ट्रेन का वेटिंग टिकट लिया है, उनको मेल और एक्सप्रेस ट्रेन में कन्‍फर्म टिकट के साथ सफर करने का मौका मिले। साथ ही मेल और एक्‍सप्रेस ट्रेन के टिकट लेने वाले पैसेंजर को राजधानी में सफर करने का मौका भी मिल सकता है।

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जानिए एक अप्रेैल से आयकर के बदलने वाले 10 नियमों के बारे में

नई दिल्ली: नए वित्त वर्ष की शुरुआत कुछ नए नियमों के साथ होने वाली है। ये नए बदलाव सरकार के साथ साथ आम आदमी से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। हम अपनी इस खबर के जरिए आपको इन्हीं बदलावों के बारे में बताएंगे। जानिए नए वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से क्या कुछ बदलने वाला है।

  • 2.5 लाख से 10 लाख रुपये के बीच की आय वालों का टैक्स 10 फीसद से 5 फीसदी कर दिया जाएगा। सेक्शन 87ए के तहत छूट 5000 रुपये से घटाकर 2500 रुपये कर दी गई है। साथ ही जिन की आय 3.5 लाख रुपये से ऊपर है उनके लिए कोई छूट नहीं है।
  • जिन लोगों की आय 50 लाख से 1 करोड़ है, उनपर 10 फीसदी सरचार्ज लगेगा। साथ ही जिन लोगों की आय एक करोड़ रुपये के ऊपर है उनपर 15 फीसद तक का सरचार्ज लगेगा।
  • जिन लोगों की कर योग्य आय 5 लाख रुपये तक की है (बिजनेस इनकम के अलावा) उनके लिए टैक्स फाइल करने के लिए एक पेज का सरल फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा।
  • आंकलन वर्ष 2018-19 के लिए राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम में निवेश करने वालों के लिए कोई भी डिडक्शन नहीं दी जाएगी।
  • आयकर विभाग अधिकारी बीते 10 वर्षों के उन सभी मामलों की फिर से जांच कर सकता है, जिनकी आय और संपत्ति 50 लाख रुपये से अधिक है। मौजूदा समय में आयकर अधिकार अधिकतम 6 वर्षों के केस की खोल सकता है।
  • लंबे समय के लाभ के लिए प्रॉपर्टी से पैसे कमाने वालों के लिए अवधि तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष कर दी गई है।
    सरकार ने उन संपत्तिधारकों के लिए कर लाभ कम कर दिए हैं, जो उधारकर्ता (बॉरोअर्स) बन कर किराए का फायदा उठाते हैं।
  • जिन लोगों को 50,000 रुपये से अधिक का किराया मिलता है, उन्हें 5 फीसद अतिरिक्त टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) देना होगा।
  • नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) से की जाने वाली आंशिक निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
    अब पैन कार्ड के आवेदन के लिए भी आधार कार्ड का होना अनिवार्य होगा। साथ ही जुलाई से टैक्स रिटर्न भरते वक्त आधार का होना जरूरी होगा।
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