कानपुर यूपी का सबसे बड़ा ‘एक्सपोर्ट हब’

कानपुर के लेदर उत्पादों का दुनियाभर में सिक्का चलता है लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि लेदर के अलावा दस सेक्टर ऐसे हैं जो सालाना 16 हजार करोड़ रुपए का निर्यात कर रहे हैं। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) और डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) की रिपोर्ट से साफ है कि निर्यात और उद्योग के क्षेत्र में कानपुर न सिर्फ तरक्की कर रहा है बल्कि नए-नए सेक्टरों से निर्यात हो रहा है।कानपुर-उन्नाव लेदर बेल्ट से सालाना करीब 7000 करोड़ रुपए का निर्यात होता है। इसमें सैडलरी भी शामिल है। पिछले दो साल से प्रदूषण को लेकर टेनरियों पर शिकंजा लगातार कस रहा है।

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गंगा किनारे से उनकी शि¨फ्टग की योजना पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में निर्यात को लेकर कानपुर के वर्चस्व पर लगातार आशंका जताई जा रही है लेकिन सच्चाई उलट है। कानपुर ने पिछले तीन साल में निर्यात बाजार में अपना सिक्का जमा लिया है। इसमें लेदर के अलावा प्लास्टिक, इंजीनियरिंग, केमिकल, सुगंध, रेडीमेड, होजरी, एग्रीकल्चर, ज्वैलरी, स्टोन, आटोमोबाइल, आयरन स्टील, रसोई मसाले और मिंट से जुड़ी इकाइयां हैं। अच्छी बात ये है कि इन सेक्टरों से जुड़े उद्यमी कुल 16 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा एक्सपोर्ट कर रहे हैं। लेदर मिलाकर निर्यात की रकम 23 हजार करोड़ रुपए है। इसी वजह से कानपुर यूपी का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट हब बन चुका है। ये रुतबा उसने नोएडा-गाजियाबाद को पीछे कर हासिल किया है। उत्तर भारत में कानपुर तीसरे स्थान पर है। पहले नंबर पर दिल्ली और दूसरे नंबर पर हरियाणा है।

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