कानपुर यूपी का सबसे बड़ा ‘एक्सपोर्ट हब’

कानपुर के लेदर उत्पादों का दुनियाभर में सिक्का चलता है लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि लेदर के अलावा दस सेक्टर ऐसे हैं जो सालाना 16 हजार करोड़ रुपए का निर्यात कर रहे हैं। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) और डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) की रिपोर्ट से साफ है…

कानपुर लेदर इंडस्ट्री का दीवाना हुआ ‘अलीबाबा’

कानपुर के लेदर उत्पादों की दुनियाभर में जबर्दस्त मांग है। अभी शहर के बड़े चर्म निर्यातकों की ही पहुंच यूरोपीय देशों तक है। अब छोटे चर्म उद्यमियों को भी ग्लोबल प्लेटफार्म पर लाया जाएगा। इसकी पहल दुनिया की सबसे बड़े आनलाइन कंपनी अलीबाबा डॉट कॉम ने की है।

3.5 लाख तक आमदनी वालों को हुआ 50 फीसदी नुकसान, जानिए कैसे

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में टैक्स की नई दरों की घोषणा तो की, लेकिन इससे 3.5 लाख तक की सालाना आमदनी वालों को टैक्स छूट में 50 फीसदी का नुकसान हो गया है। इससे ऐसे लोगों की टैक्स देनदारी में कटौती कर दी गई है, जिससे इतनी आमदनी वालों को मायूसी हाथ…

नोटबंदी: कैश की किल्लत से लेकर बिजनेस पर पड़ी मार

सरकार द्वारा आठ नवंबर को देशभर में नोटबंदी की घोषणा के बाद देश के अधिकतर बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की भीड़ देखने को मिली। किसी बैंक में कैश नहीं तो किसी एटीएम में नकदी की किल्लत।

जीएसटी रजिस्ट्रेशन को सिर्फ पांच दिन

कानपुर : जीएसटी पोर्टल में रजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ पांच दिन ही बचे हैं। 16 दिसंबर से शुरू हुई प्रक्रिया 31 दिसंबर को खत्म होने वाली है। पोर्टल में माइग्रेशन लॉगिन करने के बाद संपूर्ण विवरण भरने को कारोबारियों के लिए अभी तीन माह समय है। यह बात वाणिज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त ओमप्रकाश…

73 फीसदी नए नोट दबा गए कनपुरिए

पांच सौ और हजार के नोटबंद होने के बाद से अब तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया कानपुर के लिए करीब 5200 करोड़ रुपए जारी कर चुका है, लेकिन इनमें से सिर्फ 1400 करोड़ रुपए वापस बैंकों में पहुंचे हैं। ऐसे में करीब 73 फीसदी लोगों ने नए नोट दबा लिए हैं। यही वजह है कि…

कानपुर के ज्वैलर्स के घर समेत चार दुकानों में आयकर का छापा –

कानपुर. जिला कानपुर की आयकर विभाग टीम ने बुधवार को एक ज्वैलर्स के घर समेत चार दुकानों में एक साथ छापेमारी की है। आईटी टीम के साथ छापेमारी से मालिक समेत दुकानदारों में हड़कम्प मच गया है। स्वरूपनगर में रहने वाले दिलीप अग्रवाल पेशे से आभूषणों का कारोबार करते है। उनके स्वरूपनगर, नयागंज, पीपीएन मार्केट…

कानपुर में चल रहा बिना बिल का बाजार

– फूलबाग में लगे तिब्बती मार्केट में किसी सामान का नहीं दिया जाता है बिल
– वर्षो से लग रहा है यह अस्थाई मार्केट, ट्रेड टैक्स में बिना रजिस्ट्रेशन कराए हो रहा धंधा

नोटबंदी: बदहाल हुआ कानपुर का चमड़ा उद्योग, कई यूनिट्स में तालेबंदी जैसे हालात

बड़े नोटों पर पाबंदी के बाद इंडस्ट्रियल सिटी कानपुर पर भी गहरा असर पड़ा है। शहर की रीढ़ लेदर इंडस्ट्री का हाल खराब है। टेनरियों में काम करने वाले काफी मजदूर पैसों की किल्लत के कारण गांव लौट गए हैं तो उत्पादन 50-80 प्रतिशत तक गिर गया है। बड़ी टेनरियां तो शायद संकट से निपट भी लें, लेकिन छोटी टेनरियां अगले कुछ महीनों में तालाबंदी की ओर जा सकती हैं।